8 जुलाई 2019

गंगाजल का करें छिड़काव घर में, दूर हो जाएंगे सभी वास्तुदोष

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कहा जाता है हिंदू धर्म में गंगा जल को बहुत ही पवित्र मानते हैं. ऐसे में गंगा नदी को मां का दर्जा दिया जाता है और लोग अक्सर ही मोक्ष की प्राप्ति के लिए गंगा नदी में जप तप करते हैं. कहा जाता है गंगा नदी का जल सभी पापो को नष्ट करने वाला माना जाता हैं और वास्तु शास्त्र के मुताबिक गंगा जल व्यक्ति के घर के वास्तुदोषों को भी हमेशा के लिए दूर करने में सक्षम होता है. अब आज हम आपको उसी के बारे में बताने जा रहे हैं. तो आइए जानते हैं कैसे आप गंगाजल से घर में छिड़काव करने के बाद घर को पवित्र बना सकते हैं.

कहा जाता है घर में रोज सुबह प्रभु का नाम लेकर, गंगाजल का छिड़काव करने से घर में हमेशा ही सकारात्मक शक्तियां का प्रवेश होता हैं जिससे घर का माहौल हमेशा ही खुशनुमा बना रहता हैं. वहीं धीरे धीरे आपके बच्चे भी आपको ऐसा करता देखने लगेंगे तो खुद भी इन आदतों का पालन करना शुरु कर देंगे. इसी के साथ कहते हैं घर में गंगा जल रखने से घर की सुख समृद्धि में वृद्धि होती हैं और वास्तु शास्त्र के मुताबिक जिन घरों में गंगा जल हर समय उपस्थित रहता हैं, उनके घर में भूत प्रेत जैसी आत्माएं कभी भी प्रवेश नहीं करती हैं.

ऐसा भी कहा जाता है कि भगवान शिव को गंगा जल अर्पित करने से घर में धन दौलत की कोई कमी नहीं होती हैं और वास्तु में ऐसा माना जाता हैं, कि गंगा मइया शिव जी की पत्नी से बहुत ही स्नेह रखती थी इसलिए शिव जी ने गंगा को वरदान के रूप में इतनी शक्तियां प्रदान कर दे. इस कारण से भी गंगा बहुत ही पवित्र होती है.
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हल्दी जल्दी करवा सकती है आपका विवाह,जरुर करें हल्दी का ये टोटका अगर नहीं हो रहा है विवाह तो

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शादी में बहुत सी ऐसी रस्मे होती है जिनके बिना शादी अधूरी रहती है। विवाह में वर-वधु को हल्दी चढ़ाने के पीछे भी यही महत्व है कि उन्हें बाहरी बाधाओं से बचाया जाए साथ ही सेहत और सुंदरता के लाभ भी उन्हें मिले। इसी के साथ हल्दी के कई उपाय भी किए जा सकते हैं जो आज हम आपको बताने जा रहे हैं।
हल्दी के टोटके: 
01-भगवान विष्णु और लक्ष्मी की प्रतिमा के पीछे हल्दी की पुड़िया छुपा कर रखने से अति शीघ्र विवाह के योग बन जाते हैं।

02- पूजा के समय कलाई में या गर्दन पर हल्दी का छोटा सा टीका लगाने पर बृहस्पति मजबूत होता है और वाणी में मजबूती आती है।

03- हल्दी का दान करना शुभ माना जाता है और ऐस करने से कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का अंत होता है।
04- पूजा के बाद माथे पर हल्दी का तिलक लगाने से विवाह संबंधी कार्यों में सफलता मिलती है।

05- घर की बाउंड्री की दीवार पर अगर हल्दी की रेखा बना दी जाए तो घर में नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश नहीं कर पाती हैं।

06-नहाते समय अगर नहाने के पानी में चुटकी भर हल्दी डालकर नहाया जाए तो यह शारीरिक और मानसिक शुद्धता मिलती है।

07- हल्दी की गांठ पर मौली लपेट कर सिरहाने रखा जाए तो बुरे सपने नहीं आते और बाहरी हवा नहीं लगती है।

08- अगर हर गुरुवार श्री गणेश को मात्र एक चुटकी हल्दी चढ़ाई जाए तो विवाह संबंधी रुकावटें दूर हो जाती है।
09-कहा जाता है हल्दी के प्रयोग से जीवन में संपन्नता आती है

10- कहते हैं सूर्य को हल्दी मिला जल चढ़ाने से कन्या की शादी मनचाहे वर से होती है और हल्दी की माला से कोई भी मंत्र जप किया जाए तो विलक्षण बुद्धि के स्वामी हो सकते हैं
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17 मई 2019

जाने इन चिन्हों को मुख्य द्वार पर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा होती है दूर


इस त्योहार यदि आपको अपने घर में खुशियों का आगमन चाहिए, तो आपको हमारे शास्त्रों में बताए गए कुछ शुभ चिन्हों की जानकारी जरूर होनी चाहिए. ये ऐसे चिन्ह हैं जिन्हें यदि आपने घर के मुख्य द्वार पर लगा लिया, तो आपके घर में खुशियों को आने से कोई नहीं रोक सकेगा.
हमारे शास्त्रों में ऐसे कई चिन्हों का वर्णन किया गया है जिन्हें घर के मुख्य द्वार पर लगाने से सुख-समृद्धि बनी रहती है. यह चिन्ह घर आने वाली कई तरह की परेशानियों को दूर रखने में हमारी मदद करते हैं. आइए जानते हैं, ऐसे ही कुछ चिन्हों के बारे में, जिन्हें आपको अपने द्वार पर लगाना चाहिए.

  • स्वस्तिक : मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाने से हमारे आसपास से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है.
  • शुभ-लाभ : शास्त्रों के अनुसार, गणेशजी प्रथम पूज्य देवता हैं और शुभ व लाभ को उनका पुत्र माना गया है. इसीलिए शुभ-लाभ लिखना धनात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. स्वस्तिक के साथ जब सिन्दूर से शुभ-लाभ लिखा जाता है, तब घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
  • श्रीगणेशजी : घर के मुख्य द्वार पर गणेशजी का चित्र लगाने से गणेशजी की कृपा बनी रहती है और धनधान्य की कमी नहीं होती.
  • पंचमुखी हनुमान : यदि आपका मुख्य द्वार दक्षिण मुखी है, तो दरवाजे पर पंचमुखी हनुमानजी का चित्र लगाकर शुभता बढ़ाई जा सकती है.
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    रखे सावधानी ना करें भूलकर भी यह काम वरना आयु कम होती जाएगी


    शास्त्रों में और गरुड़ पुराण में कई ऐसी बातें बताई गई है जिनका पालन करना जरुरी बताया जाता है. ऐसे में गरुड़ पुराण के अनुसार अगर यह काम किए जाते हैं तो व्यक्ति की उम्र कम होने लगती हैं. जी हाँ, इस कारण से इन कामों को करने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं इन कामों के बारे में.
    देर से उठना - कहा जाता है गरुड़ पुराण के अनुसार जो व्यक्ति सुबह देरी से उठते हैं उसकी सेहत पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है. इसी के साथ गुरुड़ पुराण में लिखा गया है कि सुबह के समय हर किसी व्यक्ति को ब्रह्म मुहूर्त के दौरान उठना चाहिए और भगवानी की पूजा करनी चाहिए.
    रात में दही के सेवन - गरुड़ पुराण में लिखा है जो लोग रात के समय दही और ठंडी चीजों का सेवन करते हैं उनकी आयु पर इसका बुरा असर पड़ता है. जी हाँ, ऐसा कहा जाता है कि जो लोग रात को सोने से पहले दही खाते हैं उनको कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है. अपमान - गरुड़ पुराण के अनुसार बड़े और बूढ़े लोगों का अपमान करना सही नहीं माना जाता है और जो व्यक्ति इनका अपमान करते हैं उनकी आयु कम हो जाती है.
    मांसाहारी खाना - गरुड़ पुराण के अनुसार अगर आप पुराना, सूखा या बासा मांस खाते हैं तो इसका बुरा असर आपकी सेहत पर पड़ता है और आपको कई तरह के घातक रोग लग सकते हैं। दरअसल बासे मांस के अंदर कई तरह के बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं जो कि सेहत के लिए हानिकारक होते हैं.
    श्मशान घाट का धुंआ - कहा जाता है जब किसी इंसान के शरीर को जलाया जाता है तो उसमें से निकलने वाला धुआं काफी हानिकारक होता है इस कारण से श्मशान के धुएं से दूर रहना चाहिए. कहते हैं जब किसी मृत व्यक्ति के शरीर को जलाया जाता है तो उसमें कई तरह के बैक्टीरिया निकलते हैं जो कि हवा के जरिए आपके अंदर चले जाते हैं.
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    16 अप्रैल 2019

    जाने वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारण, आखिर मंदिर में जाने पर लोग घंटी क्यों बजाते है

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    लोग अपनी आस्था के अनुसार मंदिर जाते है लेकिन क्या अपने गौर किया है की सभी लोग मंदिर में जाने पर घंटी क्यों बजाते है हर मंदिर में घंटी होती है वहाँ जाने वाला हर व्यक्ति मंदिर में घुसते ही घंटी बजाता है इसलिए आज हम आपको मंदिर में घंटी बजाने के पीछे की रोचक जानकारी देते है हर व्यक्ति के मन को शांत करने और मंदिर के वातावरण को शुद्ध बनाये रखने के लिए वहाँ के घंटे का बहुत बड़ा योगदान होता है।हर मंदिर में घंटिया लगी होती है और जो भी व्यक्ति मंदिर में प्रवेश करता है सबसे पहले घंटी बजाता है और उसके बाद ही पूजा-अर्चना शुरू करता हैं.भले ही आज के समय में मंदिरों प्रागण के चारों ओर बाड़ या दीवारें बनने लगी हैं लेकिन पुराने समय में ऐसा नहीं होता था, जिसकी वजह से जानवर अक्सर मंदिरों में घुस जाया करते थे इसी समस्या से बचने के लिए लोग मंदिर में घंटो का उपयोग करते थे क्योंकि जानवर अक्सर घंटे की आवाज से डरते है और मंदिर में प्रवेश नहीं करते है।वैज्ञानिक कारण :कहा जाता है घंटे से निकलने वाली तरंगे मानव मष्तिष्क के लिए अच्छी होती है इसके पीछे खास कारण ये है की मंदिर में लगने वाले घंटे लोहे और ताम्बे जैसी धातुओं से मिलकर बने होते है धातुओं से मिलकर बनी घंटियों को जब भी कोई बजाता है तो इसमें से तरंगे निकलती है।इससे व्यक्ति के अंदर की नेगेटिव एनर्जी खत्म होती है जिससे व्यक्ति का मन शांत होता है इन दोनों कारणों के अलावा आस्था भी एक कारण हैं जिससे लोगों को यकीन हो जाता हैं कि घंटे की आवाज़ से हमने अपनी बात उस असीम सत्ता तक पंहुचा दी हैं जो हमारी समस्याओं का समाधान ज़रूर करेगा।
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